नेटबैंकिंग 2.0 और AIIMS साइबर अटैक – पूरी जानकारी

 

*नेटबैंकिंग 2.0 और AIIMS साइबर अटैक – पूरी जानकारी *


हाल ही में *AIIMS दिल्ली* के सर्वर्स पर एक बड़ा साइबर अटैक हुआ, जिसने देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संस्था में से एक को ऑफलाइन कर दिया। इस घटना ने *नेटबैंकिंग 2.0* जैसी आधुनिक डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


AIIMS साइबर अटैक की मुख्य बातें

- *23 नवंबर 2025* को AIIMS के सर्वर्स में खराबी का पता चला।

- जांच में पता चला कि *चीन से हैकर्स ने हमला किया* और 5 फिजिकल सर्वर्स में घुसपैठ की।

- *100 सर्वर्स (40 फिजिकल + 60 वर्चुअल)* में से केवल 5 सर्वर्स प्रभावित हुए, लेकिन डेटा रिकवर कर लिया गया है।

- इस घटना के बाद AIIMS को *मैनुअल मोड* पर शिफ्ट करना पड़ा, जिससे ओपीडी और आईपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं।

- दो अधिकारियों को सस्पेंड किया गया और पुलिस ने *साइबर आतंकवाद और जबरन वसूली* का केस दर्ज किया।


नेटबैंकिंग 2.0 क्या है?

- *नेटबैंकिंग 2.0* का मतलब है बैंकिंग सेवाओं का अगला चरण, जिसमें *UPI, डिजिटल वॉलेट, और एपीआई इंटीग्रेशन* जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

- यह उपयोगकर्ताओं को *24×7 ट्रांजैक्शन, तुरंत फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट, और कस्टमाइज्ड ऑफर* प्रदान करता है।


AIIMS अटैक से क्या सीख मिली?

- *मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA)* और *रियल-टाइम मॉनिटरिंग* का उपयोग बढ़ाना।

- *डेटा बैकअप और डिसास्टर रिकवरी प्लान* तैयार रखना।

- *कर्मचारियों के लिए साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग* अनिवार्य करना।


इस घटना ने सभी सरकारी और निजी संस्थाओं को *साइबर सुरक्षा* पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया है।


_स्रोत: ¹ ²_ 😊

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